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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीलीया का à¤à¥à¤°à¥‚ण पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है ?
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आज के समय में à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती जा रही है, इसका कारण है à¤à¤¾à¤—-दौड़ à¤à¤°à¥€ जिंदगी और खान-पीन में गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ का ना होना। शरीर में किसी à¤à¥€ ततà¥à¤µ की कमी होती है तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तकलीफ का कारण बनती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि महिलाओं के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में उनका विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठताकि शिशॠऔर माठजीवन à¤à¤° शारीरिक कषà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ का सामना ना करें। इसके अà¤à¤¾à¤µ में कई बार गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीलिया जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ आ खड़ी होती है, जिसके बारे में हम यहाठविसà¥à¤¤à¤¾à¤° से आपको बताने वाले हैं।
आइà¤, जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीलिया से कैसे निबटें और इससे बचने के उपाय कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं?
पीलिया à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो आपके जिगर यानि लिवर के कामकाज में गिरावट के कारण होती है। लिवर का सही से काम न करना शरीर में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ (पितà¥à¤¤) के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देता है जिसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आंखों में पीलापन हो जाता है। वायरल हेपेटाइटिस गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीलिया का सबसे आम कारण है जिसमें हेपेटाइटिस à¤, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस डी और हेपेटाइटिस ई वायरस के कारण संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा हो जाता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ लिवर के काम में बाधा डालता है जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और शिशॠदोनों को परेशानी हो सकती है। आइà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीलिया के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारणों पर à¤à¤• नजर डालते हैं –
1. हाइपरमेसिस गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¥‡à¤°à¤®
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बार-बार होने वाली उलà¥à¤Ÿà¥€ के कारण शरीर में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ असंतà¥à¤²à¤¨ और निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण हो सकता है। यह लिवर के समà¥à¤šà¤¿à¤¤ कारà¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता हैऔर पीलिया का कारण बन सकता है।
2. HELLP ​​सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
à¤à¤šà¤ˆà¤à¤²à¤ªà¥€ (हेमोलिसिस, à¤à¤²à¤¿à¤µà¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ लिवर à¤à¤‚जाइम और लो पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸) सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® अकà¥à¤¸à¤° उन महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जो पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित हैं यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण में हो सकता है। इस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ लिवर में गड़बड़ी से पीड़ित होती हैं, जिससे पीलिया हो सकता है।
3. अधिक फैटी लीवर (Acute fatty liver)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में कà¤à¥€-कà¤à¥€ जिगर में फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जमा हो सकता है।यह जिगर की शिथिलता और पीलिया का कारण बन सकता। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ माठऔर उसके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठजानलेवा साबित हो सकती है।
4. पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (Obstetric Cholestasis)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इंटà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥‡à¤ªà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (ICP) महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधित सबसे आम लिवर पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® है। यह आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीसरे तिमाही के à¤à¥€à¤¤à¤° विकसित होता है और पितà¥à¤¤ यानि à¤à¤¸à¤¿à¤¡ या à¤à¤²à¥‡à¤¨à¤¿à¤¨ à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤«à¤°à¥‡à¤œà¤¼ के सà¥à¤¤à¤° को बà¥à¤¾ देता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ आगे चलकर पीलिया का कारण बन सकती है। इसे पीलिया के आनà¥à¤µà¤‚शिक कारणों में से à¤à¤• माना जा सकता है।
à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के संकेत और लकà¥à¤·à¤£ –
पीलिया का सबसे आम लकà¥à¤·à¤£ यह है कि यह आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आपकी आंखों को पीलापन देता है व आपका मूतà¥à¤° गहरे रंग का हो जाता है। उलà¥à¤Ÿà¥€, और पेट में दरà¥à¤¦ आदि लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दे सकते हैं। पीलिया के परिणाम सहज से लेकर घातक तक हो सकते हैं। नवजात शिशà¥à¤“ं में पीलिया काफी आम है। हालांकि वयसà¥à¤• à¤à¥€ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से पीड़ित हो सकते हैं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीलिया à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी कही जा है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का निदान – Diagnosis of jaundice during pregnancy
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीलिया होने की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले आपके बाहरी लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखते हैं जैसे आà¤à¤–, नाखून, तà¥à¤µà¤šà¤¾ या मूतà¥à¤° अधिक पीला तो नहीं है। अगर किसी पà¥à¤°à¤•ार का कोई खतरा नजर आता है तो à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ की सलाह दे सकते हैं। बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ में à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤¯à¥‚मिन का आना पीलिया का संदेह देता है जो कि à¤à¤• तरह का पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है। इसके अलावा à¤à¤²à¥à¤•लाइन फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ और पà¥à¤°à¥‹à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¤¿à¤¨ टाइम (PT) का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना à¤à¥€ पीलिया की ओर संकेत करता है। दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ की सलाह देते हैं जिससे लिवर में हà¥à¤ˆ समसà¥à¤¯à¤¾ पहचानी जा सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ से होने वाले जोखिम और कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अगर माठको पीलिया हो तो बचà¥à¤šà¥‡ पर कई गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकते हैं। डिलीवरी के समय कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती हैं, साथ ही गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके समगà¥à¤° विकास में बाधा आ सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने पर पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी, पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥, डिलीवरी के बाद बवासीर जैसे जोखिम पैदा हो सकते हैं। लिवर में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ डिलीवरी के समय संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा रहता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में माठको अगर पीलिया है तो दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में यह बचà¥à¤šà¥‡ में नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ पैदा कर सकता है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का मानिसक विकास पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है, सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ जैसे विकार का जोखिम à¤à¥€ जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ की वजह से पैदा हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लिठउपचार- Treatment of jaundice in pregnancy
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ à¤à¤• जटिल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसके उपचार के डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह बहà¥à¤¤ जरूरी है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ और सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट सà¥à¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं जिससे लिवर ठीक तरह से काम करने लगे। असल में पीलिया का इलाज इसके कारणों पर निरà¥à¤à¤° है, यानि जिस वजह से पीलिया की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी है, उसका इलाज किया जाता है। जैसे अगर हेपेटाइटिस की वजह से पीलिया हà¥à¤† है तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीवायरल दवा देंगे और अगर यह पानी की कमी से है तो आपको अधिक तरल लेने की सलाह दी जाà¤à¤—ी। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ के बिना आपको कोई दवा नहीं लेनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने से कैसे रोकें – How to prevent jaundice in pregnancy
आपने जाना कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीलिया कितना घातक साबित हो सकता है इसलिठइससे जितना हो सके उतना बचना चाहिये। हम यहाठपर पीलिया से बचाव के कà¥à¤› उपयोगी टिपà¥à¤¸ दे रहे हैं –
पीलिया से बचाव के लिठअपने आस-पास साफ़ सफाई रखें ताकि हेपेटाइटिस जैसे वायरस आपसे दूर रहें।
à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी पिà¤à¤ और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें ताकि शरीर में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ इमà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स न हो।
खाने में कीवी, सेब, संतरा जैसे फल शामिल करें, ताकि इनके फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत बनाà¤à¤‚।
बीमारी से बचाव के लिठअपने आप को और अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हेपेटाइटिस के टीके लगवाà¤à¤‚।
à¤à¤²à¥à¤•ोहल का सेवन न करें, यह लिवर डैमेज का खतरा पैदा करता है।
पीलिया की बीमारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, फिर à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इससे बचाव बहà¥à¤¤ जरूरी हो जाता है। हमारे देश में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पीलिया की घटनाà¤à¤‚ लगातार बढ़ रही हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लोगों में इस बीमारी के जागरूकता की कमी है। हालांकि, पीलिया का उपचार संà¤à¤µ है फिर à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपायों का पालन करने से इसका जोखिम कम हो सकता है। लोगों को इस जटिल बीमारी के बारे जागरà¥à¤• करना चाहते हैं तो हमारे इस बà¥à¤²à¥‰à¤— को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शेयर करें।
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